पुनर्जन्म वाली नाव से बचा लिए गए इंडियन नेवी ऑफिसर, चार देशों की मदद से आईलैंड पर लाये गए

पुनर्जन्म वाली नाव से बचा लिए गए इंडियन नेवी ऑफिसर, चार देशों की मदद से आईलैंड पर लाये गए

इजिप्ट की पौराणिक कथाओं के मुताबिक Osiris का मतलब होता है- पुनर्जन्म. सुदूर समुद्र में बुरी तरह घायल इंडियन नेवी ऑफिसर अभिलाष टॉमी को इसी Osiris नाम क...

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इजिप्ट की पौराणिक कथाओं के मुताबिक Osiris का मतलब होता है- पुनर्जन्म. सुदूर समुद्र में बुरी तरह घायल इंडियन नेवी ऑफिसर अभिलाष टॉमी को इसी Osiris नाम की ही फ्रांसीसी नाव से सोमवार को बचा लिया गया. उसके बाद उन्हें एम्सटर्डम नाम के छोटे से आइलैंड पर लाया गया है. उनके साथ ही आयरलैंड के एक नाविक को भी रेस्क्यू कर यहां लाया गया हैं. अब जल्द ही उनकी मेडिकल जांच की जाएगी और उसके बाद तय किया जाएगा कि उन्हें कहां ले जाना है.पुनर्जन्म

नेवी ऑफिसर अभिलाष को बचाने के अभियान में 4 देशों ने सहयोग किया. आपको बता दें कि नेवी ऑफिसर अभिलाष, थुरिया नाम के नाव से अकेले ही रेस में हिस्सा ले रहे थे. अभिलाष के बचाव के लिए भारत, मॉरीशस, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया की ओर से संयुक्त बचाव अभियान चलाया गया.

रेस के दौरान दक्षिणी हिंद महासागर में अचानक उठे तूफान में फंसने के बाद कमांडर अभिलाष टॉमी की नाव क्षतिग्रस्त हो गई थी और वे बुरी तरह जख्मी हो गए थे. उनके सर और पीठ में काफी चोट लगी थी. रविवार को इंडियन नेवी के P8I एयरक्राफ्ट ने अभिलाष के लोकेशन को ट्रेस किया था. उनकी नाव (याट) की फोटो भी सामने आई थी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें की गोल्डन ग्लोब रेस में याट के माध्यम से 48280 किमी की विश्व यात्रा अकेले ही की जाती है. यह रेस कॉम्पीटिशन फ्रांस से 1 जुलाई को शुरू हुआ था. इसमें 18 नाविक हिस्सा ले रहे हैं. तूफ़ान में फंसने के बाद भारतीय ऑफिसर अभिलाष टॉमी ने सबसे पहले संदेशों के जरिए फ्रांस में मौजूद रेस आयोजकों को आपातकालीन मैसेज भेजा था. जिसके बाद उन्हें रेस्क्यू करने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गयी.पुनर्जन्म

सेना के एक प्रवक्ता ने बताया था कि वह चल पाने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए उन्होंने एक स्ट्रेचर का निवेदन किया है. सबसे पहले उनका लोकेशन ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर से करीब 3 हजार किमी की दूरी पर पता चला था.

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