PNB घोटाला: साधारण भाषा में समझें नीरव मोदी का महाघोटाला, कैसे लगाई PNB को चपत?

PNB घोटाला: साधारण भाषा में समझें नीरव मोदी का महाघोटाला, कैसे लगाई PNB को चपत?

पंजाब नेशनल बैंक को साढ़े ग्यारह हज़ार करोड़ की चपत लगाकर उड़न-छू हुआ नीरव मोदी दो दिन से मीडिया की सुर्खियाँ बना हुआ है. वित्त मंत्रालय से लेकर सरकार और ...

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पंजाब नेशनल बैंक को साढ़े ग्यारह हज़ार करोड़ की चपत लगाकर उड़न-छू हुआ नीरव मोदी दो दिन से मीडिया की सुर्खियाँ बना हुआ है. वित्त मंत्रालय से लेकर सरकार और बैंकों तक में हडकंप मच जाने के बाद एक ही सवाल सामने आ रहा है कि इतना बड़ा घोटाला आखिरकार हुआ कैसे? इस पुरे प्रकरण को समझने के लिए आम आदमी में भी जिज्ञासा जगी है कि आखिर ये स्कैम है क्या? लेकिन टेक्निकल भाषा की जटिलताओं के कारण आम व्यक्ति इस पूरे प्रकरण को समझने में नाकाम रहता है.

आइये जानते है इस पुरे स्कैम को साधारण भाषा में

सबसे पहले इस केस की बारीकी समझने के लिए आपको जानना होगा ‘लेटर ऑफ़ अंडरटेकिंग’ (LoU) क्या है?

इसे हम साधारण तरीके से समझने के लिए मान लेते हैं कि आप एक व्यापारी हैं, और आप किसी दुसरे देश से बिज़नस करना चाहते हैं. इसी सिलसिले में आपने अमेरिका की कोई कंपनी (जिसे हम A मान लेते हैं) से संपर्क करते है. अब A की तरफ से आपको सैंपल दिया जाता है जो आपको पसंद आ जाता है. फिर बात आती है पेमेंट और माल की डिलीवरी की. इस स्थिति में बिज़नस के नियम के मुताबिक दोनों में से किसी एक पार्टी को या तो पेमेंट पहले करना होगा और बाद में माल की डिलीवरी दी जाएगी, या फिर एक पार्टी को पहले माल भेजना होगा और उसके बाद दूसरी पार्टी द्वारा पेमेंट का भुगतान किया जायेगा.

इस कंडीशन में जरुरत पड़ती है किसी तीसरे मध्यस्थ की जो दोनों पार्टियों के बीच एक गारंटर के रूप में काम कर सके ताकि दोनों पार्टियों के बीच पेमेंट के भुगतान और माल की डिलीवरी को लेकर कोई शक की गुंजाइश ना रहे. अब तीसरे मध्यस्थ के रूप में आता है बैंक, जो अमेरिकी कंपनी A को एक एग्रीमेंट देता है जिसमें लिखित में ये आश्वाशन दिया जाता है की माल की डिलीवरी के बाद हम आपको पेमेंट कर देंगे. जबकि आपसे ये बैंक माल की पूरी पेमेंट एडवांस में ले लेता है. अब जैसे ही माल की डिलीवरी आपको हो जाएगी, बैंक के रूप में तीसरा मध्यस्थ A नामक कंपनी को पूरा भुगतान कर देता है. इसे ही Latter of Undertaking कहा जाता है.

बस, अब सारा घोटाला यही है. PNB बैंक ने आपसे पुरे पैसे लिए बिना A को LoU दे दिया और माल की डेलिवरी के बाद उसका भुगतान भी कर दिया. अब आपकी तरफ से ना ही तो माल की पेमेंट बैंक को पहले की गई ना ही बाद में आपने बैंक को माल की पेमेंट की. ऐसी हालात में सारा बोझ बैंक पर पड़ेगा और बैंक को ही भुगतना पड़ेगा. यही कुछ नीरव मोदी ने किया. उम्मीद है की आपको सारे फसाद की जड़ समझ आ गई होगी. यही है देश का सबसे बड़ा घोटाला.

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