क्या होता है जब आप खा लेते है एक्सपायर्ड दवाई? रिसर्च में आये चौंकाने वाले नतीजे

क्या होता है जब आप खा लेते है एक्सपायर्ड दवाई? रिसर्च में आये चौंकाने वाले नतीजे

Expired Medicine: आप सभी का अपने जीवन में दवाईयों से वास्ता जरुर पड़ा होगा. कुछ लोग दवाईयां खरीदते समय बहुत सी जांच-पड़ताल करते है जैसे रेट, कंपनी का ना...

SBI का बड़ा फैसला- किसी दुसरे के खाते में नहीं जमा कर सकेंगे कैश, ये है कारण
बीजेपी की सुप्रीम कोर्ट में याचिका, ‘दो बच्चे के क़ानून’ को लागू करने की मांग
सरकार की इस नयी नीति से जल्द ही सस्ता हो जायेगा पैट्रोल

Expired Medicine: आप सभी का अपने जीवन में दवाईयों से वास्ता जरुर पड़ा होगा. कुछ लोग दवाईयां खरीदते समय बहुत सी जांच-पड़ताल करते है जैसे रेट, कंपनी का नाम और एक्सपायरी डेट वगैरा. लेकिन कुछ पढ़े लिखे और समझदार लोग भी कई बार दवाईयों की खरीद को लेकर कुछ भूल कर बैठते हैं. वो लोग दवाई के एक्सपायर होने को लेकर ज्यादा सतर्क नहीं हैं. डॉक्टर पर भरोसा करना अच्छी बात है लेकिन आँख बंद करके भरोसा करना अच्छा नहीं हैं. आज कल सभी इतने व्यस्त रहते है की दवाई खरीदते एक्सपायर डेट देखने का समय भी नहीं निकाल सकते है, सोचते है की डॉक्टर क्या गलत दवाई देगा?expired medicine

कंपनी जो तिथि दवाइयों के ऊपर छापती है वो सिर्फ ये बताने के लिए होती है की दवाई कितने समय तक स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव डालेगी.  एक्सपायर डेट तक दवाइयां अपना प्रभाव काफी कम कर लेती हैं और साथ ही साथ निर्धारित एक्सपायर तिथि के पश्चात हानिकारक हो जाती हैं. कुछ लोगों का कहना है की एक्सपायरी डेट सिर्फ एक वहम है और कुछ नहीं. वो लोग दो-तीन वर्ष पुरानी दवाओं का सेवन कर लेते हैं. उनको ठीक से पता नहीं होता है की किसी भी दवा की एक्सपायरी का अर्थ क्या होता है या एक्सपायर होने के बाद उसे इस्तेमाल करना सही है या बिलकुल गलत.

एक्सपायर का अर्थ है- जब कोई भी दवा खरीदें या स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी पदार्थ हो उस पर आपको दो दिनांक स्पष्ट रूप से दिखाई देगी. पहली तिथि मैन्युफैक्चारिंग डेट अर्थात् वह दिनांक जिस दिन दवाई बनी और एक्सपायरी डेट यानी वह दिनांक जिसके पश्चात दवा के प्रभाव की गारंटी उसे बनाने वाली कंपनी नहीं लेगी.expired medicine

आज कल सभी दवाइयां केमिकल आदि से बनाई जाती है. केमिकल की विशेषता है की समय बीतने के साथ उनका प्रभाव/असर बदलता रहता है. इसलिए दवाइयां भी हवा, नमी, गर्मी इत्यादि के कारण कई बार समय बीतने के साथ दवाओं की प्रभावशीलता घटने लगती हैं और इसके साइड-इफेक्ट यानी दुष्परिणाम भी सामने आने लगते हैं. इसीलिए दवा बनाने वाली सभी कंपनियां किसी भी कानूनी पचड़े से बचने के लिए अपने उत्पादों पर उनकी उपयोगिता खत्म होने की एक निर्धारित तिथि अवश्य स्पष्ट करती हैं.

बता दें की अमेरिका के मेडिकल संगठन AMA की और से वर्ष 2001 में जांच की गई थी. उन्होंने लगभग 122 भिन्न-भिन्न दवाइयों के 3000 बैच लिए और उनकी स्थिरता की जांच की थी. इस स्थिरता के आधार पर AMA ने तकरीबन 88 प्रतिशत दवाइयों की एक्सपायरी डेट लगभग 66 महीने तक आगे बढ़ाई थी. अर्थात् अधिकतर दवाओं के कार्य करने की क्षमता उनपर छपी हुई एक्सपायरी डेट से बहुत अधिक होती है. जिन दवाओं की एक्सपायरी डेट AMA ने आगे बढ़ाई लेकिन साथ ही 18 प्रतिशत दवाओं को उनकी एक्सपायरी के साथ ही फेंका गया था.expired medicine

वैसे तो इस पर अभी बहुत ही कम रिसर्च हुए हैं लेकिन फिर भी जितने अनुसंधान हुए है उनके अनुसार ये निर्णय नहीं किया जा सकता की एक्सपायर्ड दवा (Expired Medicine) खाने से निश्चित ही मौत हो सकती है. लेकिन एहतियात के तौर पर एक्सपायरी डेट के बाद दवा का इस्तेमाल ना करें तो बेहतर है. अभी तक किसी भी रिसर्च ये साबित नहीं हुआ की एक्सपायरी डेट के बाद कोई भी दवा (Expired Medicine) ज़हर बन जाती है. लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से इन्हें खाना उचित नहीं है. एक्सपायर हो चुकी दवाइयां महंगी ही क्यों न हो उनका सेवन न करें.

COMMENTS