दुनिया का महान वैज्ञानिक जो टाइममशीन बनाना चाहता था, अगर सच हो जाता उनका सपना तो…..

दुनिया का महान वैज्ञानिक जो टाइममशीन बनाना चाहता था, अगर सच हो जाता उनका सपना तो…..

स्टीफन विलियम हॉकिंग का नाम विज्ञान की उन जानी-मानी महान हस्तियों में शुमार है जिनकी बदौलत विज्ञान ने उन बुलंदियों को छुआ है जिनकी कल्पना तक असंभव थी....

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स्टीफन विलियम हॉकिंग का नाम विज्ञान की उन जानी-मानी महान हस्तियों में शुमार है जिनकी बदौलत विज्ञान ने उन बुलंदियों को छुआ है जिनकी कल्पना तक असंभव थी. 8 जनवरी 1942 को इंग्लैण्ड के ऑक्सफ़ोर्ड में जन्मे इस महान वैज्ञानिक ने दुनिया को अपने शोधों से बार-बार हैरान किया. पढाई में बचपन से ही मेधावी रहे छात्र स्टीफन ने एक बार अन्तरिक्ष वैज्ञानिक बनने का जो निर्णय लिया, उसे फिर उनकी लम्बी बीमारी भी नहीं बदल सकी.

एक बार जब वो घर पर सीढीयों से उतर रहे थे तो उन्होंने अपने शरीर में सूनापन को महसूस किया, और वो गिर पड़े. डॉक्टरों ने कहा था कि अब वो दो साल से ज्यादा दिन जिन्दा नहीं रह पाएंगे, लेकिन अपनी हिम्मत और हौंसले के दम पर उन्होंने ना केवल अपनी जिन्दगी 75 साल जिए बल्कि ऐसे जीये कि उनके एक के बाद एक शोध ने दुनिया को हैरान कर दिया. उन्हें अपनी उपलब्धियों पर फक्र था.

उनका कहना था कि मेरी अक्षमता ने ही मुझे ब्रह्मांड पर शोध करने पर मजबूर किया. उन्होंने माना कि मैं अपनी बीमारी की वजह से ही एक बेहतरीन वैज्ञानिक बन पाया हूँ. उन्होंने कहा कि इस दुनिया में कोई विकलांग नहीं है, दिमाग एक कंप्यूटर है जिसका कोई एक हिस्सा किसी वजह से काम कर देना बंद कर देता है. उन्होंने 1974 में अपनी महत्वपूर्ण खोज ब्लैक होल थ्योरी के बारे में खोज करके विज्ञान को नई बुलंदियों पर पहुंचा दिया. उन्होंने बताया था कि ब्लैक होल क्वॉन्टम प्रभावों की वजह गर्मी फैलाते हैं.

1998 में छपी उनकी एक किताब ‘अ ब्रीफ हिस्ट्ररी ऑफ टाइम’ ने दुनिया में तहलका मचा दिया. इसमें उन्होंने ब्रह्मांड विज्ञान के सबसे कठिन विषय ‘ब्लैक होल’ और ‘बिग बैंग थ्योरी’ के बारे में विस्तृत और बड़े ही साधारण तरीके से दुनिया को समझया था. इस किताब की एक करोड़ से भी ज्यादा प्रतियाँ हाथोंहाथ बिक गई थी. यही वो पुस्तक थी जिसमे उन्होंने इश्वर के अस्तित्व को ही नकार दिया था.

स्टीफन हॉकिंग एक टाइम मशीन बनाना चाहते थे. एक बार उन्होंने कहा था यदि मैं कभी टाइम मशीन बना सका तो हॉलिवुड की सबसे खूबसूरत अदाकारा मानी जाने वाली मर्लिन मुनरो से मिलने जरूर जाऊंगा. लेकिन 14 मार्च 2018 का दिन विज्ञान की दुनिया में एक काला दिन बनकर आया और शदी के महान वैज्ञानिक ने हमसे विदाई ली और ब्रह्मांड की अनंत गहराईयों में विलीन हो गए.

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