सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर CJI पर लगाये गंभीर आरोप, मच गया हडकंप

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर CJI पर लगाये गंभीर आरोप, मच गया हडकंप

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके CJI पर गंभीर आरोप लगाकर सनसनी मचा दी है. इन आरोपों के बाद सरकार से लेकर न्यायपालिका तक में हलचल मच...

बड़ी दूर की कौड़ी है केजरीवाल का माफ़ी अभियान, जानिए- क्या है इस अभियान का असली सच?
भारत बंद: हिंसक हुए दलित आन्दोलन की आग में झुलसे कई राज्य, अब तक 5 की मौत
धारा 377 को सुप्रीम कोर्ट ने किया खत्म, जानिये क्या था ये क़ानून और इसकी सज़ा

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके CJI पर गंभीर आरोप लगाकर सनसनी मचा दी है. इन आरोपों के बाद सरकार से लेकर न्यायपालिका तक में हलचल मच गयी है. इस मौके पर न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ, न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर और न्यायमूर्ति एम बी लोकुर ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर मामलों के आवंटन समेत कई गंभीर मामले उठाते हुए आरोप लगाये. न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर ने बताया कि, “आज हमने CJI से मुलाकात की तथा संस्था को प्रभावित करने वाले मामलों के बारे में अवगत कराया.”

न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर ने समस्याओं के बारे में बोलते हुए कहा कि मामलों को सौंपा जाना भी एक अहम समस्या है. उन्होंने आगे कहा, “माननीय सुप्रीम कोर्ट में सबकुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है, पिछले कुछ समय से ऐसा बहुत कुछ हुआ है जो सहन करने योग्य नहीं है. हम सब ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को समझाने का बहुत प्रयास किया, उन्हें हमने बताया की ये सब सही नहीं है लेकिन बदकिस्मती से हम इस काम में असफल हो गए.”

मीडिया से बात करते हुए न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर और अन्य जजों के टीम ने कहा कि हमने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को एक चिट्ठी भी लिखी जिसमे कुछ बातों पर उनका ध्यान खींचने का प्रयास किया. उन्होंने जिन प्रमुख मुद्दों के बारे में बताया उनमें कुछ इस प्रकार है. केसों के बंटवारे में चीफ जस्टिस सही तरीके से नियमों का पालन कर रहे है. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय की अखंडता को प्रभावित करने वाली ख़ास मामलों को बिना कोई कारण अपनी मर्जी की बेंचों को देते है. इस प्रकार के फैसलों से संसथान की छवि खराब होती है

COMMENTS