ताजमहल पर सुन्नी वक्फ़ बोर्ड का कोई हक़ नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दस्तावेज दिखाओ

ताजमहल पर सुन्नी वक्फ़ बोर्ड का कोई हक़ नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दस्तावेज दिखाओ

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ASI की एक याचिका की सुनवाई के दौरान कहा की देश में ये कौन विश्वास करेगा की ताजमहल वक्फ़ बोर्ड की सम्पति है? कोर्ट ने इसे को...

दिवाली पर पटाखों की बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दिया ये आदेश
SC का बड़ा फैसला- बिना बीमा वाला वाहन अगर हो गया एक्सीडेंट, तो नीलाम करके चुकाना होगा हर्जाना
बड़ी दूर की कौड़ी है केजरीवाल का माफ़ी अभियान, जानिए- क्या है इस अभियान का असली सच?

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ASI की एक याचिका की सुनवाई के दौरान कहा की देश में ये कौन विश्वास करेगा की ताजमहल वक्फ़ बोर्ड की सम्पति है? कोर्ट ने इसे कोर्ट का वक्त जाया करने वाला मामला बताया. ये टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल के मालिकाना हक़ को लेकर ASI की तरफ से लगाई गई याचिका की सुनवाई के दौरान की.

ASI ने 2005 में उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ़ बोर्ड के उस फैसले को चुनौती देते सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी जिसमें बोर्ड ने ताजमहल को वक़्फ़ बोर्ड के संपति घोषित किया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुगलकाल के अंत के साथ ही देश की सभी ऐतिहासिक धरोहर चाहे वो ताजमहल ही हो या कोई ओर, सभी अंग्रेजों को हस्तांतरित हो गई थी. देश की आजादी के बाद से सभी ऐतिहासिक धरोहर सरकार के अंडर में है जिनमें ताजमहल भी है और इसकी देखभाल का जिम्मा ASI के पास है.

इस मामले में बोर्ड की ओर से कहा गया कि शाहजहां ने ही ताजमहल का वक्फनामा बोर्ड के पक्ष में करवाया था. इस पर बेंच ने कहा की आप इस सम्बन्ध में साक्ष्य उपलब्ध करवा दें, शाहजहाँ के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज दिखा दें. बोर्ड ने इस मामले में कोर्ट से एक हफ्ते का समय देने का आग्रह किया जिस पर कोर्ट ने उन्हें एक हफ्ते की मोहलत दे दी.

बता दें कि एक आदेश जारी करके सुन्नी वक्फ़ बोर्ड ने ताजमहल को बोर्ड की सम्पति के तौर पर रजिस्टर करने को कहा था. जिस पर ASI ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. ASI को कोर्ट से बोर्ड के फैसले के खिलाफ स्टे मिल गया था.

COMMENTS