ट्राई की सख्ती के बावजूद बड़े पैमाने पर की जा रही है फर्जी KYC, प्रशासन बेखबर

ट्राई की सख्ती के बावजूद बड़े पैमाने पर की जा रही है फर्जी KYC, प्रशासन बेखबर

बैंक खाते से लेनदेन हो या ई-कॉमर्स साईट से खरीददारी या फिर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करनी हो, आजकल सभी बैंकिंग सेवाओं के लिए उपभोक्ता को अपने अकाउंट की KYC (...

आधार को लेकर UIDAI ने जारी की चेतावनी, इन्टरनेट पर यूज करने में बरतें सावधानी
Paytm Money लॉन्च, अब मात्र सौ रुपये से कर सकेंगे म्युचुअल फंड में निवेश की शुरुआत
अकाउंट खोलने के लिए फेसबुक ने मांग लिया आधार कार्ड, किरकिरी के बाद दी सफाई

बैंक खाते से लेनदेन हो या ई-कॉमर्स साईट से खरीददारी या फिर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करनी हो, आजकल सभी बैंकिंग सेवाओं के लिए उपभोक्ता को अपने अकाउंट की KYC (आधार आधारित पहचान प्रक्रिया) करवानी जरूरी हो गयी है. मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करवाने के साथ-साथ ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेज़न, मोबिक्विक हो या पेटीएम या फिर कोई दूसरी कोई अन्य, सभी की सेवाओं का लाभ लेने के लिए KYC आवश्यक है. ऑनलाइन फ्रॉडबाज़ी रोकने और बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता लाने हेतु सरकार ने हर उपभोक्ता के लिए KYC करवाना अनिवार्य किया है.

इस प्रक्रिया के बाद साइबर क्राइम करने वाले शातिरों के लिए ऑनलाइन धोखाधड़ी करने के सारे रास्ते बंद हो गए, लेकिन हाल ही में इन शातिरों ने ठगी करने का ऐसा अनोखा और नया तरीका ईजाद किया है जिससे साइबर क्राइम को अंजाम भी दिया जा सकेगा और ठगी करने वाला कभी पकड़ में भी नहीं आएगा. इसके लिए इस धंधे में उतरे लोगों अनपढ़ और दूर-दराज के भोले-भाले लोगों को निशाना बनाना शुरू किया है. इसके लिए इन्होने इलाके के बेरोजगार युवकों को मात्र कुछ प्रतिशत का लालच देकर इस जालसाज़ी के बिज़नस में उतारा है जो क्षेत्र के दूर दराज के गावों में जाकर भोले-भाले लोगों को मोदी की योजना या कंपनी की तरफ से मुफ्त 200 रूपए और एक लाख का बीमा देने की बात बताकर उनके फिंगरप्रिंट ले रहे हैं. गाँवों के बुड्ढे-बुजुर्गों और महिलाओं को कुछ पता नहीं कि ये KYC क्या है? ना ही उन्हें पता की पेटीएम/ एयरटेल पेमेंट बैंक क्या है? बस महज कुछ रुपयों के लालच में वो अनजान लोगों और अनजान प्लेटफार्म पर अपने फिंगरप्रिंट स्कैन करवा रहे हैं. उन लोगों को नहीं पता है कि वो अपने आधार कार्ड पर जिस नंबर या अकाउंट की वेरिफिकेशन करवा रहे हैं वो असल में कितना गंभीर मसला हो सकता है? इनमें से अधिकतर लोगों के पास तो मोबाइल भी नहीं है या फिर एंड्राइड मोबाइल नहीं है. अब जिनके पास एंड्राइड मोबाइल नहीं है या जो लोग इस प्रकार की सेवाओं के उपयोग की जानकारी नहीं रखते उन्हें भ्रमित करके उनके अकाउंट खोले जा रहे है जो की नियमों के खिलाफ है.

ट्राई के निर्देशानुसार किसी भी उपभोक्ता को आधार KYC करवाने और बैंकिंग सेवाओं के उपयोग के लिए KYC करवाने हेतु सारे नियमों और शर्तों की जानकारी होनी आवश्यक है. उपभोक्ता को भ्रमित करके, गलत जानकारी देकर या फिर कोई लालच देकर उनके फिंगरप्रिंट लेना और बैंक अकाउंट खोलना सरासर गैरकानूनी है. नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनी का लाइसेंस रद्द भी हो सकता है.

इसी तरह के गिरोह सिरसा और इसके आस-पास के क्षेत्रों में सक्रिय है जो लोगों को फ्री चैक बुक-एटीएम और 200 रूपए देने का दावा करके अब तक सैंकड़ों लोगों से बैंक अकाउंट खोलने के नाम पर धोखाधड़ी कर चुके है. ऐसे लोग गाँव के मंदिर या गुरूद्वारे से आवाज लगाकर लोगों को बुलाते हैं और उनके फिंगरप्रिंट स्कैन करके अकाउंट ओपन कर देते है.

इस बारे में पेटीएम के Field Sales Executive लालचंद का कहना है कि हमारी कंपनी की ऐसी कोई स्कीम नहीं है जिसमें नॉन पेटीएम यूजर द्वारा अकाउंट की KYC करवाने पर बिना कोई ट्रांजेक्शन किये मुफ्त में कुछ दिया जाता हो. ना ही मुफ्त में एटीएम या चैक बुक दी जा रही है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रलोभन देकर KYC करने वाले लोगों से आम आदमी को सतर्क रहने की जरूरत है. लालचंद ने बताया कि अगर किसी को अपने अकाउंट की KYC करवानी हो तो उपभोक्ता अपने पास के किसी ऑथोराइज KYC सेण्टर पर जाकर अपनी KYC करवा सकते हैं. इसी तरह एयरटेल पेमेंट बैंक, पेज़प्प या मोबिक्विक की KYC करवाने के लिए भी कंपनी ने अपने KYC सेण्टर दिए हुए हैं तथा उपभोक्ता को कंपनी द्वारा निर्देशित किये सेण्टर पर जाकर ही KYC करवानी चाहिए. उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि अपनी आवश्यकता के बिना किसी लालचवश अनजान लोगों के कहने पर अपने आधार कार्ड से कोई भी वैरीफिकेशन ना करवाएं. पेटीएम ना ही तो किसी प्रकार का गैर-कानूनी काम करने वालों का समर्थन करती है और ना ही किसी को ऐसा काम करने को प्रेरित करती है, इस तरह के एजेंटों से सावधान रहें और आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन में इनकी रिपोर्ट करें.

COMMENTS